जनकृति अंतरराष्ट्रीय पत्रिका का नवीन अंक प्रकाशित - विश्वहिंदीजन

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बुधवार, 14 जून 2017

जनकृति अंतरराष्ट्रीय पत्रिका का नवीन अंक प्रकाशित





जनकृति अंतरराष्ट्रीय पत्रिका का मई-जून 2017 सयुंक्त अंक (अंक 25-26) आप सभी पाठकों के समक्ष प्रस्तुत है। यह अंक आप पत्रिका की वेबसाईट www.jankritipatrika.in पर पढ़ सकते हैं। इस अंक के साथ ही जनकृति ने तीसरे वर्ष में प्रवेश किया है. जनकृति का यह अंक अपने नए स्वरुप के साथ आपके समक्ष प्रस्तुत है. विविध क्षेत्रों से विषय विविधता को ध्यान में रखते हुए रचनाओं, लेख, शोध आलेखों का चयन किया गया है. साहित्य, राजनीति, कला, समाज, पत्रकारिता, इतिहास, इत्यादि क्षेत्रों के विविध विषयों के साथ प्रस्तुत इस अंक पर आपके विचार आमंत्रित हैं...

आप पत्रिका में साहित्य की किसी भी विधा में रचनाएँ भेज सकते हैं. आप पत्रिका के विभिन्न स्तंभों हेतु लेख भेज सकते हैं. आप साहित्य, राजनीति, कला, समाज, पत्रकारिता, इतिहास, इत्यादि क्षेत्रों से संबंधित विषयों पर शोध आलेख भेज सकते हैं. शोध आलेख का प्रारूप एवं भेजने के नियम आप वेबसाईट पर अवश्य देखें.

जनकृति एक बहुभाषी अंतरराष्ट्रीय पत्रिका है, जिसके 6 विषेशांक समेत कुल 26 अंक प्रकाशित हुए है। इसके साथ ही जनकृति की विविध इकाई विश्वहिंदीजन, कला संवाद, सिने विमर्श से सृजनात्मक कार्यों का संकलन एवं प्रचार-प्रसार किया जाता है। जनकृति पत्रिका एवं विविध इकाइयों से देश-विदेश के लाखों पाठक जुड़े हैं।


जनकृति अंतरराष्ट्रीय पत्रिका में साहित्य की विभिन्न विधाओं में रचना प्रकाशन के साथ लेख, शोध आलेख भी प्रकाशित किये जाते हैं। शोध आलेखों की गुणवत्ता को लेकर जनकृति में पाठकों के सुझाव एवं मानकों के अनुरूप कुछ नियम निर्धारित किये गए हैं उन नियमों के आधार पर ही शोध आलेख स्वीकृत किये जाएंगे।
1. पत्रिका में शोध आलेख एवं शोध सार प्रत्येक माह के 10 तारीख तक मंगवाए जाएंगे।
2. प्राप्त शोध आलेखों को शोध प्रारूप एवं कंटेंट के आधार पर सम्पादन मंडल द्वारा जांचा जाएगा।
3. सम्पादन मंडल द्वारा शोध आलेखों के विषय, शोध आलेख में दिए गए तथ्यों, वर्णन इत्यादि की मौलिकता को जांचा जाएगा कि वह कहीं से कॉपी न हो।
4. बिंदु 3 की प्रक्रिया के पश्चात शोध आलेख को शोध विषय के अनुरूप विषय विशेषज्ञ द्वारा जांचा जाएगा, जिसमें शोध आलेख की स्वीकृति एवं अस्वीकृति तय होगी। 
5. अस्वीकृत होने की स्थिति में शोध आलेख पर कारण के साथ नोट दिया जाएगा और लेखक को आलेख दुरुस्त करने के लिए 10 दिन का समय दिया जाएगा
6. शोध आलेख के पास मौलिकता का पत्र लेखक द्वारा दिया जाना अनिवार्य है।
7. शोध आलेख में प्रूफ संबंधी, फॉन्ट संबंधी मामलों को जांच कर ही शोध आलेख भेजें।
(शोध प्रारूप एवं शोध आलेख लिखने के नियम शीघ्र ही पत्रिका की वेबसाईट पर जारी होंगे)(पत्रिका में रचनाओं, लेख, शोध आलेख के प्रकाशन हेतु पूर्व की तरह ही किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं है)

[पत्रिका यूजीसी की लिस्ट समेत विश्व की 9 से अधिक रिसर्च इंडेक्स में शामिल है. पत्रिका शीघ्र ही इम्पेक्ट फेक्टर नंबर के साथ प्रकाशित होगी]
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